kavita 🖌
समर्पण शब्द है कविता
ह्रदय स्पन्द है कविता
पुरा से नवल का द्वन्द है कविता
जन-गण -मन का क्रन्द है कविता
वेदना से चेतना का बंध है कविता
जोड़ देता है हमें तुमसे
वही सम्बन्ध है कविता .
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कहे क्या हाल मन का
शब्द के बौने घुटन का
मेरे खामोश होठो की ,
आवाज है कविता
मेरा अंजाम है कविता
मेरा आगाज है कविता
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ठूँठ से निकली
नवेली पात है कविता
अव्यक्त सदियों से
वही बस बात है कविता
तुम्हारे दिन है ए कविता
हमारी रात है कविता
--------- विधु