Sunday, 21 January 2018

kavita

kavita 🖌

समर्पण शब्द है कविता 
ह्रदय स्पन्द है कविता 
पुरा से नवल का द्वन्द है कविता 
जन-गण -मन का क्रन्द है कविता 
वेदना से चेतना का बंध है कविता 
जोड़ देता है हमें तुमसे 
वही सम्बन्ध है कविता .
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कहे क्या हाल मन का
शब्द के बौने घुटन का 
मेरे खामोश होठो की ,
आवाज है कविता 
मेरा अंजाम है कविता 
मेरा आगाज है कविता 
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ठूँठ से निकली
नवेली पात है कविता 
अव्यक्त सदियों से 
वही बस बात है कविता 
तुम्हारे दिन है ए कविता 
हमारी रात है कविता 
--------- विधु

9455667248

1 comment:

  1. plz comment for feedback and you can also contact me on 9455667248
    thanks

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