Friday, 22 June 2018

पशुपति नाथ (काठमांडू , नेपाल) यात्रा Nepal Yatra

भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन की आश पुरानी थी ऊपर से  विदेश यात्रा की इक्षा भी जोर पे रही नेपाल से सस्ती विदेश यात्रा भारतीयों के लिए कोई और नही हो सकती लेकिन संयोग ही नही बन पा रहा था जबकि भारत नेपाल बस सेवा वाराणसी से काठमांडू के लिए जब आरम्भ हुई तो जल्दी ही हमने टिकट बुक करा ली लेकिन जब तक निकलता काठमांडू में भूकंप आगया और बस सेवा स्थगित और साथ ही टूट गया काठमांडू यात्रा का प्लान
आखिर भगवान पशुपतिनाथ का बुलावा काठमांडू नेपाल से आगया 8 जून 2018 को काशी अर्थात वाराणसी से काठमांडू की बस में टिकट बुक हुआ और हमारे बचपन के साथी प्रिय मित्र और बड़ेभाई बृजभूषण जी भी साथ हो लिए
वाराणसी के रोडवेज बसस्टैंड से हमारी बस रात के 10 बजे थी लेकिन हम 9 बजे से पहले ही बस स्टैंड पर पहुच गए पानी की बोतल कोल्ड्रिंक्स बिस्किट नमकीन
दवाए सब कुछ बैग मैं पैक कर लिया
छुट्टियां मनाने के लिए यात्रा में सीमित समान लेकर ही यात्रा करना चाहिए इस लिए हमने हल्के पिट्ठूबैग लेलिए थेVaranasi to Kathmandu (Nepal) Bus Service की लक्जरी बस ठीक 9 बज के 40 मिनट पर वाराणसी कैंट बसस्टैंड पर लग गयी और हम बस में चढ़ गयी थोड़ी देर बाद बस चल पड़ी 
हम दोनों लोग थोड़ी देर बातचीत करते खिड़की से बाहर का नज़ारा देखते रहे फिर पर्दे खिंचे सीट फ्लैट की और सो गए
रास्ते मे बस एक सामान गति से चलती रही और प्रातः काल की पहली कैण के साथ 5 बजे नींद खुली बस गाजीपुर और गोरखपुर होते हुए भारत नेपाल सीमा (India Nepal Border ) स्थित उत्तरप्रदेश के महराज गंज जिले के  कस्बे सोनौली पहुँच गयी थी 
सोनौली में भारत सरकार के प्रवर्तन विभाग की जांच चौकी पे बस खड़ी थी विदेशी पर्यटकों के पासपोर्ट चेक किए गए 
और बस में ही मुद्रा बदलने वाले एजेन्ट ने भारतीय रूपए को नेपाली मुद्रा से बदल दिया भारत के 100 रुपए नेपाल के 160 रुपए के बराबर की दर पे बदल दिए हालांकि नेपाल में भारतीय मुद्रा भी चलन में है 500 और उससे अधिक मूल्य के भारतीय  नोट नेपाल में मान्य नहीं है किंतु दुकानदार अधिकाँश जगह स्वीकार कर 
किया जाता है लेकिन हमारी सलाह है कि नेपाली करेंसी लेना ही ठीक रहेगा एक बात और ध्यान रखना चाहिए कि  जब भी कोइ टैक्सी होटल आदि में बात करे तो बार्गेनिंग करते समय ये अवश्य कन्फर्म करें  की जो पेमेंट आप को बताया जा रहा है वो नेपाली मुद्रा में है या भारतीय मुद्रा में 
खैर लगभग एक घंटे के बाद बस चली और नेपाल की सीमा में प्रवेश कर गयी नेपाली शैली में बना नेपाली प्रवेश द्वार और वर्दीधारी नेपाली लड़कियों को देखते ही विदेशी भूमि पर होने का आभास हुआ फिर बस नेपाली जांच चौकी पर रूक गयी लगभग आधेघंटे लगे लगेज आदि चेक कर के नेपाल प्रहरी ने हमें आगे बढ़ने की अनुमति देदी फिर आगे लगभग 500  मीटर की दूरी पर एक होटल पर हमारी बस रुकी हम झटपट उतर कर नित्यक्रिया और ब्रश  आदि कर के होटल में कुछ खाने के बजाय होटल के बाहर चाय आदि के चक्कर में आ गए होटल के बगल में ही कोल्ड साप लिखा दूकान दिखा सो हम कोल्ड्रिंक के तालब में उधर खिंच गए 
दूकान की रैक देखा तो आँखे खुली रह गयी कोल ड्रिंक और मदिरा साथ में ही खुलेआम बिक रही थी खैर हमने एक लीटर का माजा और चिप्स लिया और एक बोतल पानी और वही हमारा 9  जून 2018  का ब्रेकफास्ट रहा फिर अपनी सीट पर जम गए 8 बजे भारतीय समय  के अनुसार  बस फिर चल पडी ध्यान रहे नेपाल की घड़िया  हमसे 15  मिनट फास्ट होती है उनका टाइम जोन काठमांडू  होता है 

Sunday, 21 January 2018

kavita

kavita 🖌

समर्पण शब्द है कविता 
ह्रदय स्पन्द है कविता 
पुरा से नवल का द्वन्द है कविता 
जन-गण -मन का क्रन्द है कविता 
वेदना से चेतना का बंध है कविता 
जोड़ देता है हमें तुमसे 
वही सम्बन्ध है कविता .
**********************
कहे क्या हाल मन का
शब्द के बौने घुटन का 
मेरे खामोश होठो की ,
आवाज है कविता 
मेरा अंजाम है कविता 
मेरा आगाज है कविता 
********************
ठूँठ से निकली
नवेली पात है कविता 
अव्यक्त सदियों से 
वही बस बात है कविता 
तुम्हारे दिन है ए कविता 
हमारी रात है कविता 
--------- विधु

9455667248

Tuesday, 5 July 2016

उलझन

सपनो के जगल मे उलझा तडप किनारे की ,
अधियारे गलियो मे एक कूक उजाले की .
कलिया जीवन की चुनने को अब मन अकुलाता है ,
खोया बचपन फिर कोने ---  से पास बुलाता है .
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सुखिया के माथे की चुन्नट आखो के छाले ,
हर दिन चिंतित कर देते रस्तो मे बिलखने वाले
लेकिन निज स्वारथ के खतिर सब कुछ भुलाता हू
रोज सत्य को झूठलाता हू .
----------------- विधुभूषण
9455667248

Wednesday, 2 September 2015

रिश्ता


रिश्ता एक ऐसी बुनियाद है जो सारे संसार को बाधे हुए है ......................कभी इन रिश्तो को बचाए रखने के लिए नए रिश्ते बनाने पडते है , तो कभी इन्ही रिश्तो के लिए कुछ रिश्ते भुलाने भी पडते है .रिश्ता भगवन से उसके भक्त का भी होता है तो मालिक से उसके कुत्ते का भी . अगर ध्यान से देखा जाय तो भले ही कवि हृदय भाउक लोग बुरा मान जाए लेकिन ए तो सत्य है कि बिना स्वर्थ और आवश्यक्ता के रिश्ते न तो बनते है और न ही निभते है .
हा कुछ हद तक उन्हे ढोया जरूर जा सकता है .
Rishta a Bond